पहलगाम हमला: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। हमले में मारे गए लोगों में पुणे निवासी संतोष जगदाले की बेटी भी शामिल थी, जो गुरुवार को अपने पिता के अंतिम संस्कार में वही खून से सने कपड़े पहनकर शामिल हुई जो उन्होंने हमले के समय पहने थे। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। संतोष की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए।
26 वर्षीय अशावरी ने अपने पिता को गले लगाया
संतोष जगदाले की बेटी आशावरी और उनकी पत्नी मंगलवार (22 अप्रैल) को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में बच गईं, लेकिन वह और उनके बचपन के दोस्त कौस्तुभ गणबोटे की मौत हो गई। इस आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए हैं। जगदाले और गणबोटे के शव गुरुवार (24 अप्रैल) सुबह पुणे लाए गए। दोनों दोस्तों का अंतिम संस्कार पुणे के नवी पेठ इलाके के वैकुंठ स्थित इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में किया गया। दुख की इस घड़ी में पूरा शहर शोक में डूबा हुआ है। मृतक के रिश्तेदार और हजारों अन्य लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
26 वर्षीय अशावरी ने अपने पिता को गले लगाया और वही खून से सने कपड़े पहन लिए जो उसने हमले के दौरान पहने थे ताकि उन्हें त्रासदी की याद आ सके। अंतिम संस्कार में उपस्थित लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए।
इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार जगदाले और गणबोटे के घर गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके परिजनों ने पवार से मुलाकात की और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। महाराष्ट्र की मंत्री माधुरी मिसाल भी जगदाले के घर गईं।
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