बाड़मेर जिले में शनिवार को अचानक हुई तेज बारिश ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। महज एक घंटे में 3.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, लेकिन इस बारिश ने नगर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया। सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और जगह-जगह जाम की स्थिति बन गई।
तेज बरसात के चलते सबसे ज्यादा परेशानी बाइक और छोटे वाहन चालकों को उठानी पड़ी। जगह-जगह जलभराव होने से बाइक सवारों को अपने वाहन धकेलकर ले जाना पड़ा। वहीं, चारपहिया वाहन चालकों को भी घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। नगर के मुख्य बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन रोड और अस्पताल रोड पर पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया।
बारिश के दौरान शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई। निगम और प्रशासन के लाख दावों के बावजूद बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के समय यही समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानों और गोदामों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे माल खराब हो गया। वहीं, स्कूलों से छुट्टी के समय बच्चों को भी घर लौटने में परेशानी हुई। अभिभावकों ने प्रशासन से तुरंत जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में अगले 24 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। अगर बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो बाड़मेर समेत आसपास के इलाकों में जलभराव और यातायात की स्थिति और बिगड़ सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने नगर पालिका और आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट पर रखा है। पंप सेटों और जेसीबी मशीनों की मदद से सड़कों से पानी निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि, फिलहाल शहरवासी भारी बारिश और जलभराव से परेशान हैं और जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
👉 यह घटना एक बार फिर से साफ कर देती है कि बाड़मेर शहर में बारिश से निपटने के लिए पुख्ता इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। जब तक स्थायी जल निकासी व्यवस्था नहीं बनेगी, तब तक हर मानसून में शहरवासियों को ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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